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सोयाबीन के बाद अब गेहूं की फसल में इल्ली का प्रकोप, इल्ली से बचाव के लिए यह दवाई डाले

सोयाबीन की फसल के बाद अब गेंहू में भी इल्ली (Worm medicine for Wheat Crop) का प्रकोप देखने को मिल रहा, जिसने किसानों की चिंता बड़ा दी है, इल्ली के लिए कौन सी दवाई डाले, लेख में जानें...

Worm medicine for Wheat Crop | सोयाबीन की फसल के बाद अब गेंहू की फसल में भी इल्ली का प्रकोप देखने को मिल रहा है। आमतौर पर इल्ली सोयाबीन एवं चना की फसल में ही देखी जाती थी, लेकिन पिछले 2 सालों से गेंहू में इल्ली पड़ने के केस सामने आने लगे है। जिसने सभी किसानों की चिंता बड़ा दी है। अपनी फसल को बचाने के लिए किसान भाइयों को इस इल्ली (Worm medicine for Wheat Crop) की रोकथाम जल्द ही कर लेनी चाहिए। चौपाल समाचार के इस लेख मे जानें की इल्ली की रोकथाम के लिए कौन सी दवाई डालनी होगी ?

इंदौर जिले में इल्लीयो का हमला

इंदौर जिले के हजारों किसानों के सामने नया संकट खड़ा हो गया है। हजारों हेक्टेयर गेहूं की फसल पर इल्ली (Worm medicine for Wheat Crop) का हमला हुआ है और फसल खराब होने के कगार पर पहुंच गई। मध्य प्रदेश में कृषि विभाग की जिम्मेदारी है कि समय-समय पर वह किसानों को फसल के बचाव और अच्छी उपज के लिए मार्गदर्शन करता रहे, लेकिन इल्ली से खराब हो रही फसल को देखने कोई नहीं पहुंचा।

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कृषि विभाग की सलाह जारी नहीं, अपनी मर्जी से दवाई छिड़क रहे किसान

(Worm medicine for Wheat Crop)

इल्ली के लिए किसान अपनी मर्जी से दवाई छिड़क कर फसल बचाने की कोशिश में जुटा हुआ है। वहीं, इंदौर में सरकारी अमला अभी तक खेतों तक नहीं पहुंचा। सरकार ने कृषि विभाग में अधिकारियों की नियुक्ति इसीलिए ही की है कि वे समय-समय पर किसानों को फसल के बचाव और कीट प्रकोप (Worm medicine for Wheat Crop) के समय उचित मार्गदर्शन दें।

फसल को बचाने के लिए गांव-गांव दौरा भी करें, लेकिन अभी तक कृषि विभाग ने न तो कोई सलाह जारी की है और न बीमार फसल का निरीक्षण किया। संयुक्त किसान मोर्चा के रामस्वरूप मंत्री एवं बबलू जाधव ने बताया कि मोर्चा ने मध्य प्रदेश के कृषि संचालक और कृषि मंत्री से मांग की है कि गेहूं की फसल पर हो रहे इस प्रकोप (Worm medicine for Wheat Crop) से बचने के लिए जल्द से जल्द कदम उठाए जाए।

 Worm medicine for Wheat Crop | विभाग के अधिकारी करते हैं दौरा

कृषि विभाग के अधिकारी और कर्मचारी गांव का दौरा कर किसानों को फसल सुरक्षा के रखरखाव की जानकारी देते हैं। इसके साथ ही फसलों में कब कौन सी खाद और दवाई डालनी है, इसके लिए भी किसानों को सलाह विभाग देता है। वर्तमान में फसलों में इल्ली (Worm medicine for Wheat Crop) का प्रकोप है, लेकिन विभाग की टीम ने अब तक गांव का दौरा नहीं किया।

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गेंहू की फसल में नही लगते है कीट,

गेहूं की फसल कीटों से सुरक्षित मानी जाती थी लेकिन इस वर्ष फसल पर इल्ली (Worm medicine for Wheat Crop) का प्रकोप है। किसान फसल को बचाने के लिए कीटनाशक दवाओं का छिड़काव कर रहे हैं, जिससे लागत अधिक लग रही है। रबी सीजन की फसलों में इल्ली का प्रकोप चना की फसल पर ज्यादा होता था, लेकिन अब इससे गेहूं की फसल भी सुरक्षित नहीं है।

गेहूं की फसल को भी इल्ली चट कर रही है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ रही है। किसानों ने बताया कि गेहूं की फसल में इल्ली कभी नहीं लगी है और न ही इस फसल में दवाओं का छिड़काव किया जाता था, लेकिन अब मौसम में बदलाव के कारण यह स्थिति निर्मित हो रही है। किसानों का कहना यह भी है की गेहूं की फसल में बहुत ज्यादा मात्रा में इल्ली (Worm medicine for Wheat Crop) लगी है जो फसल को क्षति पहुंचा रही है। इस फसल में इल्ली पहली बार लगी है।

गेंहू में इल्ली लगने के कारण

(Worm medicine for Wheat Crop)

दूसरी फसलों से गेंहू में इल्ली लगना – किसान चना, मसूर, बटरी में कीटनाशक दवाओं का छिड़काव कर रहे हैं, जिससे इन फसलों के कीट गेहूं की फसल पर पहुंचने लगे हैं। यह कारण भी गेहूं में इल्ली लगने का हो सकता है।

मौसम बदलाव से इल्ली पड़ना – आसमान पर बादल छाने की स्थिति में इल्ली का प्रकोप ज्यादा हो जाता है। कुछ दिनों से आसमान पर बादल भी छा रहे हैं, जिससे अन्य फसलों पर भी इल्ली बढ़ रही है। ठंड में इल्ली कम हो जाती है।

1544 गेहूं पर है असर – कृषि विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, जिन किसानों ने 1544 किस्म का गेहूं बोया है उसमें इल्ली (Worm medicine for Wheat Crop) का प्रकोप है। यह स्थिति पूरे प्रदेश में है।

इल्ली से बचाव के लिए यह दवाई डालें किसान

(Worm medicine for Wheat Crop)

गेंहू की फसल में इल्ली के शुरुआती लक्षण दिखने पर तुरंत ही कीटनाशक दवाई डाले, यदि आप उचित समय पर फसल की देखरेख नहीं करते है तो आपकी पूरी फसल चौपट हो सकती है। इसी को ध्यान में रखकर चौपाल समाचार ने “ कालीसिंध फार्मर प्रोड्यूसर किसान कंपनी ” के प्रोड्यूसर मनोहर सिंह तोमर से बात की तो उनका कहना है, फसल को इल्ली से बचाने के लिए इमामेक्टीन वेंजूएट कीटनाशक दवा (Worm medicine for Wheat Crop) का छिड़काव करें। एक एकड़ फसल के लिए 100 ml दवा को 200 लीटर पानी में मिलाकर घोल तैयार कर फसल में डालें या फिर किसान साथी प्रोफीनोफास दवा का भी छिड़काव भी कर सकते है।

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राधेश्याम मालवीय

मैं राधेश्याम मालवीय Choupal Samachar हिंदी ब्लॉग का Founder हूँ, मैं पत्रकार के साथ एक सफल किसान हूँ, मैं Agriculture से जुड़े विषय में ज्ञान और रुचि रखता हूँ। अगर आपको खेती किसानी से जुड़ी जानकारी चाहिए, तो आप यहां बेझिझक पुछ सकते है। हमारा यह मकसद है के इस कृषि ब्लॉग पर आपको अच्छी से अच्छी और नई से नई जानकारी आपको मिले।
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